pregnency ke dawran ayurvedic hakimi trikon se bachch gora paida hoga

ऐसा अक्सर सुनने में भी आता है कि अगर आप गर्भवती हैं तो बच्चा गोरा कैसे पेदा हो इसके लिए लोग नारियल पानी और जाफरान का इस्तमाल करते हैं
भारत में ये फॉर्मूला बहुत तेजी से इस्तेमल किया जाता है दअरसल लोगों का ध्यान बच्चों के क्लर पर भी जाता है और लोग इसको लेकर बहुत प्रेशान सिरियास रहते हैं जैसे ही लड़कियां या औरत के पेट में बच्चा आने की खबर मिलती है वो तुरंट बच्चा कैसे गोरा हो इसको लेकर बहुत परेशान हो हो जाते फिर सबसे ज्यादा जो कि चलन में है वो है कि नारियल पानी और कच्ची गरी चबा चबा कर इस्तेमाल की जाती है

ऐसे में ये माना गया है कि नारियल का पानी पीने से और कच्ची गरी खाने से उनके बच्चे गोरे होंगे और उनका चेहरा बहुत गोरा होगा
डॉक्टर भी महिला के पेट में बच्चा आने पर या लड़की या औरत के प्रेग्नेंट होने पर उनको नारियल पानी पीने को कहते हैं
लड़कियाँ या औरतें भी अपने अनुभव से ये बताती हैं कि जब वो नारियल पानी पीती हैं और कच्ची गरी इस्तेमाल करती हैं तो उनके बच्चे बहुत गोरे और सुंदर पैदा होते हैं खास कर उनके चेहरे का क्लर गोरा और साफ होता हैं

साथ ही बहुत से लड़की महिला गर्भावस्था के समय जाफरान या केसर का इस्तमाल करती हैं इसे उनका मानना ​​​​है आई केसर से या जाफरान से बच्चा बहुत गोरा गुलाबी और खिला हुवा सा पेदा होगा
और फिर वो इस्का इस्तेमाल करते हैं
बहुत सी लड़कियाँ और महिलाओं का ये पूरा विश्वास है कि जब गर्भावस्था के समय वो केसर का इस्तमाल करती हैं तो उनके बच्चे गोरे या गुलाबी पेदा होते हैं

असल में केसर या जाफरान का बच्चे में भी इसी के लिए इस्तमाल किया जाता है कि वो बच्चे के चेहरे को जरूर गोरा करेगा और गुलाबी करेगा साथ ही बच्चा खिला खिला सुर्ख होगा
वैध या हकीम ये मानते हैं कि जाफरान का या केसर का असर बच्चों के साथ हमेशा अच्छा रहता है और इसे चेहरे का रंग गोरा साफ या गुलाबी गुलाबी जरूर होगा साथ ही वो बहुत हिस्टीरिया पोस्ट रहेगा सेहत भी अच्छी रहेगी

आयुर्वेद या हकीमी में कैसे इस्तमाल किया जाता है केसर या ज़ा फ़रान
असल में केसर छोटे छोरे लाल किस्मत के घास जैसे दिखते हैं मगर ये बहुत ही कड़े होते हैं और जल्दी गलते भी नहीं हैं तो ऐसे में इसको इस्तमाल करने से पहले थोड़े से दूध में दाल कर इसको कुछ देर तक गले लगाने के लिए रख देते हैं हैं या फिर थोड़े से गुलाबजल में ज़फ़रन को दाल कर रख देते हैं तब ये गाल जाता है फिर इसके किसी चीज़ से घी कर घोल लिया जाता है या ढीला कर लिया जाता है उसके बाद इसने एक गिलास या आधा गिलास दूध में पानी में डालकर इस्तेमल किया जाता है
अगर आप बिना इसको पहले मुलायम करें दूध में डाल कर लेते हैं तो ये सीधा खड़ा खड़ा आप के पेट में चला जायेगा इसे कम फायदा करेगा
जरूरी है कि आप इस्तमाल करने से पहले एक चुटकी केसर को एक छोटे छम्मच दूध या गुलाबजल में डाल कर 10 मिनट रख दें जिसे कि वह घुल जाएगा और मुलायम हो जाएगी

घुलने के बाद ही आप इसको उंगली से ही मसल कर मुलायम कर लें फिर एक गिलास दूध में इसको डाल कर इस्तेमाल करें
इसे वह आसान से हज़म हो जाता है जाफरान और केसर को इस्तमाल करने का आयुर्वेदिक या हकीमी तरीका यही है

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By indiapostdehli

i am a herb expert health solution by herbs and ayurveda Tibya home made remedies and psychological base treatment health related treatment and information mai yahan per sabhi trah ki bimariyon ka health samasyawon ka gharelu nushkhe ayurveic hakimi sujhaw deta hun aap isse apne health me sudhar kar sakte hain

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